Wednesday, October 31, 2018

दिल्ली-एनसीआर में सिर्फ ग्रीन पटाखों की बिक्री

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को साफ कर दिया है कि दिल्ली में सिर्फ ग्रीन पटाखों की ब्रिकी होगी। इसके अलावा किसी भी प्रकार के पटाखों की बिक्री नहीं हो सकेगी। कोर्ट ने तमिलनाडु के लिए दिवाली पर आतिशबाजी करने के लिए सुबह 4 से 5 बजे तक और रात को 9 से 10 बजे तक का समय तय किया है। साथ ही शीर्ष अदालत ने स्पष्ट कर दिया कि पूरे देश में ई-कॉमर्स वेबसाइट्स से पटाखों की बिक्री पर रोक जारी रहेगी

कोर्ट ने अपने फैसले में किया संसोधन
इससे पहले मंगलवार को कोर्ट ने दिवाली और अन्य त्योहारों पर दो घंटे आतिशबाजी की अनुमति के अपने फैसले में संसोधन किया था। कोर्ट ने राज्य सरकारों को अधिकार दिया है कि वह अपने क्षेत्र की सुविधा और परंपराओं के अनुसार पटाखे फोड़ने का समय आगे-पीछे कर सकती हैं। लेकिन यह समय किसी भी सूरत में दो घंटे से अधिक नहीं हो सकता।

सुप्रीम कोर्ट ने 23 अक्टूबर को अपने फैसले में कहा था कि देशभर में दिवाली और अन्य त्योहारों पर रात 8 से 10 बजे के बीच ही आतिशबाजी की जाए। साथ ही सिर्फ ग्रीन पटाखे बनाने, बेचने और चलाने का आदेश दिया था। क्रिसमस और नए साल पर रात 11:55 से 12:30 बजे तक ही पटाखे फोड़ने की इजाजत दी गई थी।

मंगलवार को इस मामले पर हुई सुनवाई के दौरान पटाखा कंपनियों के वकील ने कहा कि देशभर में पूरी तरह से ग्रीन पटाखे जुलाई 2019 में आएंगे। इसलिए कोर्ट नियमों में कुछ बदलाव करे। इस पर जस्टिस एके सीकरी और जस्टिस अशोक भूषण की बेंच ने कहा कि कम रोशनी और कम हानिकारक ग्रीन पटाखों से जुड़ा आदेश सिर्फ दिल्ली और एनसीआर के लिए था।

तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर रात 8 से 10 बजे के बीच आतिशबाजी करने के समय में बदलाव करने की मांग की थी। सरकार की ओर से पेश वकीलों ने कहा कि राज्य में दिवाली के दिन सुबह पूजा होती है। इसलिए सुबह 4:30 से 6:30 बजे तक पटाखे चलाने की अनुमति दी जाए।

इस दौरान एक वकील ने पुडुचेरी में भी सुबह के वक्त में पटाखे चलाने की अनुमति देने की मांग की। इस पर बेंच ने कहा कि हम समय में बदलाव कर सकते हैं लेकिन आतिशबाजी के लिए एक दिन में दो घंटे से ज्यादा का वक्त नहीं होना चाहिए।

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